समाज सेवियों ने भी पहुँचाई दिल्ली को भारी राहत : नदीम अहमद
May 6, 2020 • Bilal Ansari

कोरोना जंग में कांग्रेस ने निभाई अहम भूमिका

देश में फैली कोरोना महामारी के बीच ग़रीब व  मध्य वर्ग दोनों ही परेशान रहे ! ग़रीब वर्ग की अगर बात करें तो उसको सरकार की ओर से दी जाने वाली राहत सामग्री का प्रचार तो ख़ूब हुआ लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त बिलकुल विपरीत है ! केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों विफल साबित हुई ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा घोषित की गई राहत सामग्री किट गरीबों को कम पार्टी कार्यकर्ताओं को ज़्यादा पहुँची ! नेताओं ने अपने वर्करों को खूब ओब्लाइज किया ! केजरीवाल सरकार ने भी फ़्री राशन का खूब प्रचार किया लेकिन राशन के ई कूपन को लेकर ग़रीब भटकते दिखाई दिए ! यह कहना है कृष्णा नगर जिला जे जे कांग्रेस अध्यक्ष नदीम अहमद का !
नदीम अहमद ने आगे कहा कि अगर समाज सेवी संस्थाएं और मुस्लिम समाज ने ज़कात का पैसा गरीबों पर ख़र्च न किया होता तो दिल्ली में चारों ओर हाहाकार मच जाती ! उन्होंने कहा सभी धर्म के लोगों ने संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों के लिए राशन ही व्यवस्था बिना धार्मिक भेदभाव की है !
कि शराब की दुकानों पर लगी बेतहाशा भीड़ से सम्बंधित प्रश्न के उत्तर में नदीम अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बिना प्लानिंग शराब की दुकानें खोलकर कोरोना महामारी को बढ़ावा दिया है ! रेवन्यू के चक्कर में दिल्लीवालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया है ! नदीम अहमद ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनिल  जी की लीडरशिप में पूरी दिल्ली के सभी वार्डों में कांग्रेस रसोई निरंतर चलायी जा रही है तथा प्रत्येक घर को सेनिटाइज करने का कार्य भी बड़ी तेज़ी से चल रहा है ! उन्होंने कहा अपनी टीम के सदस्यों सहित खुद मैं भी अपने ज़िले में सेनिटाइज़िंग का कार्य कर रहा हूँ !उन्होंने यह भी कहा कि हमारे जे जे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद उमर सैफी भी पूरी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पार्टी वर्कर का न सिर्फ़ हौसला बढ़ा रहे हैं बल्कि वह ख़ुद भी जरूरतमंदों की सेवा में लॉकडाउन के पहले दिन से ही समर्पित हैं ! 
जिला अध्यक्ष नदीम अहमद ने दिल्ली में बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार हर तरह से विफल है ! उन्होंन क्वारेंटाइन सेंटरों की बदहाली के वीडीयो भी सोशल मीडिया पर ख़ूब देखने को मिल रहे हैं ! संक्रमितों की देखभाल भी भली प्रकार नहीं हो पा रही है ! मध्यवर्ग दोहरी मार झेल रहा है न तो सरकार की ओर से कोई राहत योजना मध्य वर्ग के लिए बनायी गई है और न ही उसे सामाजिक सहायता हासिल है ! आमदनी पर ताले और ख़र्चे बरकरार हैं !