राम मंदिर के शिलान्यास पर बाटे दिये
August 5, 2020 • Bhuvnesh Singha

पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पांच अगस्त को अयोध्या में राम जन्मभूमि निर्माण की नींव भराई को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है। भुवनेश सिंघल ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए इसे उत्सव के रूप में मनाने की बात कही। भुवनेश सिंघल इस दिन को दीपावली उत्सव की भांति दीपोत्सव के रूप में मनाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं और घर-घर जाकर जय श्री राम लिखी भगवामयी राम ध्वजा भेंट कर लोगों के घरों की छत पर लगवा रहे हैं। साथ ही वो घरों पर व गलियों-बाजारों में राम नाम के स्टीकर भी चिपका रहे हैं और हर घर में पांच दीये भी वितरित कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि वो भगवान राम के इस उत्सव को मनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते। भुवनेश सिंघल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पांच तारीख को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के होने वाले नींव पूजन के दिन वो शाम के समय भजनपुरा के बी-ब्लाॅक में भव्य दीपोउत्सव का आयोजन करेंगे जिसमें विशेष रूप से दीप श्रंखला बनाई जाएगी। सामूहिक दीये जलाए जाएंगे व सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा तथा राम जी के मंदिर के इतिहास से लोगों को रूबरू करवाया जाएगा और विशेष रूप से हनुमान चालीसा, दीये, मास्क, सैनिटाईजर, आयुर्वेदिक काढ़ा, जय श्री राम के स्टीकर व पवित्र भगवामयी राम ध्वजा आदि सभी राम भक्तों को भेंट की जाएंगी। वहीं इस अवसर पर अधिक संख्या ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया जाएगा। सिंघल ने बताया कि यह एक ऐसा ऐतिहासिक दिन है जब भारत के मस्तक पर लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व लगे कलंक को धोने का स्वर्णिम अवसर आया है। उन्होनें यह भी कहा कि भगवान श्री राम हिन्दु आस्था के प्रतीक तो है हीं साथ ही सम्पूर्ण सृष्टि के भी नायक हैं। पूरी दुनिया जिस राम का सम्मान करती है वही राम स्वयं अपने देश भारत में अपने जन्म स्थान पर हुए अवैध कब्जे के कारण तम्बू में रहने को मजबूर थे। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व काल में हिन्दु आस्था के सम्मान का ऐतिहासिक दिन आया है जब प्रभु राम के जन्मस्थान से वो अवैध कब्जा हट चुका है और वहां भव्य व दिव्य राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। सिंघल ने भावुक होते हुए यह भी कहा कि वो स्वयं को बहुत भाग्यशाली मानते हैं जो उनके जीवनकाल में मंदिर के पक्ष में फैसला आया है और उनके जीवन काल में ही मंदिर के निर्माण की शुरूआत हो रही है तथा अगले मात्र तीन वर्षों में ही यह मंदिर बनकर तैयार भी हो जाएगा। जिस प्रकार भागीरथ के अनेक पूर्वज गंगा मां को धरती पर लाने के लिए तपस्या करते हुए मोक्षगामी हो गए मगर गंगा मां का अवतरण भागीरथ के जीवनकाल में हुआ ठीक उसी प्रकार हमारे अनेक पूर्वज मंदिर पुनर्निमाण के सपने को आंखों में लिए इस दुनियां से विदा हो गए और इसका निर्माण हमारे जीवनकाल में हो रहा है। इस महान शुभ दिन को दिखाने के लिए वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं और धन्यवाद के रूप में एक स्वरचित छंद उनके लिए समर्पित करते हैं-
  राम जी के मंदिर का कर निर्माण मोदी दिया तुमने करोड़ों दिलों को आराम है।
  राम जी की जन्मभूमि कोई साधारण नहीं करोड़ों देशवासी का तीरथ है धाम है।।
  कोटि-कोटि तुम्हें मेरा दिली साधुवाद मोदी राम भक्त देश तुम्हें करता प्रणाम है।
  यश मिले तुम्हें युग-युग देवताओं वाला मेरे हृदय का बस यही मनोकाम है।।
सिंघल ने यह भी कहा कि वो शीघ्र ही अयोध्या जाएंगे और मंदिर निर्माण में श्रम सेवा करेंगे। राम हम सबके आराध्य हैं हमारे पूर्वज हैं इसलिए वो राम भक्त होने के नाते स्वयं श्रमिक के रूप में मंदिर निर्माण में अपनी सेवा देंगे।