महापौर अवतार सिंह ने सैनिटाइजेशन अभियान के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास और सिविल लाईन के क्षेत्रों को किया सैनिटाइज
May 10, 2020 • Neha Sharma

अब हमने मुख्यमंत्री आवास को पूरी तरह से सैनिटाइज कर दिया है ताकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बिना डर के अपने घर से बाहर निकल कर दिल्ली के हालातों का जायजा ले सकें- अवतार सिंह


नई दिल्ली,10 मई। उत्तरी दिल्ली नगर निगम महापौर श्री अवतार सिंह व स्थाई समिति के अध्यक्ष श्री जयप्रकाश जेपी ने सैनिटाइजेशन अभियान के तहत आज दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास के आसपास और सिविल लाईन के क्षेत्रों को सैनिटाइज किया। श्री अवतार सिंह ने कहा कि कई ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिससे यह पता चल रहा है कि कोरोना के खिलाफ लड़ रहे फ्रंटलाइन वॉरियर्स डॉक्टर्स, पुलिसकर्मी जो कोरोना से संक्रमित है उनका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है और जिसके कारण एक पुलिसकर्मी की मृत्यु भी हो गई। अब हमने मुख्यमंत्री आवास को पूरी तरह से सैनिटाइज कर दिया है ताकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बिना डर के अपने घर से बाहर निकल कर दिल्ली के हालातों का जायजा ले सकें। 


श्री सिंह ने कहा कि हर गली के बाहर झाड़ू लगा रहा है नगर निगम कर्मचारी, हर घर के अंदर का कूड़ा-कचरा उठा रहा है नगर निगम कर्मचारी लेकिन फिर भी केजरीवाल सरकार के नगर निगम कर्मचारी को कोरोना वॉरियर्स नहीं मानती हैं, न ही नगर निगम का काम उन्हें दिखाई देता है। नगर निगम कर्मचारी प्रत्येक वार्ड को सैनेटाइज कर रहे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता कहीं भी नहीं दिखाई दे रहे हैं। भाजपा शासित नगर निगम होने के कारण दिल्ली सरकार नगर निगम कर्मचारियों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखती है। दिल्ली सरकार द्वारा तीनों नगर निगमों को उनकी बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किए गए और फंड के अभाव में कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया लेकिन फिर भी वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिल्ली को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। 


श्री जयप्रकाश जेपी ने कहा कि नगर निगम कर्मचारी कोरोना से संक्रमित होने के खतरे का सामना करते हुए अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। संक्रमण के इस भारी खतरे के सफाई कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं जिससे लोग गंदगी के कारण किसी दूसरी बीमारी से संक्रमित न हो जाए, प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों को सैनिटाइज कर रहे हैं। कोरोना के खौफ के बीच वे आज भी अपने कार्य स्थल पर मुस्तैद हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए इन्होंने खुद जोखिम लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।