मानसून में किन कारणों से होते हैं मुंहासे
July 15, 2020 • Shivani Choudhary

मानसून का महीना शुरू हो गया है. ऐसे में किसी भी वक्त बारिश और बढ़ती उमस की वजह से आपकी त्वचा  चिपचिपी और रूखी हो जाती है. मौसम में बदलाव के साथ त्वचा में बदलाव होने की वजह से स्किन केयर की इतनी अधिक अहमियत है. हालांकि, मानसून में ही कई महिलाओं के चेहरे पर मुहांसे होने लगते हैं और अगर आपकी त्वचा पर अक्सर ही मुंहासे होते रहते हैं तो आपको सीजन के अनुसार अपनी त्वचा की अधिक देखभाल करनी चाहिए. इसलिए आज हम आपके लिए मानसून के दौरान होने वाली मुंहासों की समस्या के लिए कुछ टिप्स लाए हैं लेकिन वो बताने से पहले आपका यह जानना जरूरी है कि मानसून में अधिक मुंहासे क्यों होते हैं.

मानसून में क्यों होते हैं मुंहासे?

मानसून के महीने में वातावरण में उमस बढ़ जाती है और इस वजह से बैक्टीरियल इंफेस्टेशन होता है, जिससे मुंहासे होते हैं. साथ ही इस मौसम में त्वचा अधिक Sebum प्रड्यूस करती है, जो आपकी त्वचा को ग्रीसी और स्टिकी बना देता है. इस वजह से आपकी त्वचा पर अधिक मिट्टी और किटाणु आ जाते हैं, जो स्किन पोर्स को बंद कर देते हैं और आपको मुंहासे हो जाते हैं. यही कारण है कि आपको मानसून के महीने में अपनी त्वचा का अधिक खयाल रखना चाहिए.

चेहरे को बार-बार न छुएं
हम अक्सर अपने हाथों से ही अपने मुंह पर बैक्टीरिया पहुंचाते हैं. मानसून में इसका खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. बार बार चेहरे को छूने से आपकी त्वता को इंफेक्ट कर सकता है और आपको मुंहासें हो सकते हैं. अपनी त्वचा को स्वस्थभी आप अपने मुंह के छुएं तो आपके हाथ एक दम साफ हों. 

मानसून में इस तरह से मुंहासों को रखें दूर

1. एंटीबैक्टीरियल फेशियल क्लेंजर का इस्तेमाल करें 

मानसूम में त्वचा चिपचिपी होती है. इस वजह से मिट्टी और किटाणु त्वचा के चिपक जाते हैं. इस वजह से जरूरी है कि आप नियमित रूप से अपने चेहरे को क्लेंज करें. ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप एंटी बैक्टीरियल फेशियल क्लेंजर का इस्तेमाल करें. इससे कम से कम दिन में दो बार अपने चहरे को धोएं. खासकर की बाहर से वापस घर आने के बाद अपने चेहरे को एक बार क्लेंजर से जरूर धोएं.

2. एक्सफोलिशन करना न भूलें 
हवा में बढ़ते तापमान के साथ मौजूद मोइश्चर की वजह से आपकी त्वचा पर अधिक ऑयल आता है और पसीना भी आता है, जिससे बैक्टीरिया फैलता है. साथ ही चिपचिपी त्वचा होने की वजह से आस-पास की धूल-मिट्टी भी आपके चेहरे पर जमने लगती है और पोर्स को बंद कर देती है. इस वजह से डीपर क्लेंजिंग के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार एक्सफोलिशन करें. इससे मुंहासे होने का रिस्क कम होगा

3. स्टीम करे

मानसून के महीने में आपकी त्वचा को अधिक साफ-सफाई की जरूरत होती है और एक्सफोलिशन हमेशा ही एक सही सोल्यूशन नहीं होता है. मुंहासों के लिए आपको अपने चेहरे को स्टीम करना चाहिए. इससे आपके स्किन पोर्स खुलते हैं और आपको साफ त्वचा मिलती है. स्टीम के दौरान बार-बार अपने चेहरे को न

4. ऑयली खाने को कहें ना 
गर्मी और उमस की वजह से मानसून के महीने में कई सारी समस्याएं होती हैं. इससे आपकी त्वचा भी ऑयली हो जाती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपे खान-पान का ध्यान रखें और ऑयली खाने को कम कर दें. ऑयली खाने की वजह से आपकी त्वचा अधिक ऑयली हो सकती है और इससे मुंहासें होने का रिस्क बढ़ सकता है. मानसून के महीने में स्वस्थ डायट लेना आपके स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए जरूरी है. 

5. त्वचा को नियमित रूप से मोइश्चराइज करें 
हम हमेशा पसीने की तुलना हाइड्रेशन से कर लेते हैं. गर्मी और उमस की वजह से आपकी त्वचा पर पसीन जरूर आता है  लेकिन फिर भी आपको अपने चेहरे पर मोइश्चराइजर जरूर लगाना चाहिए. इससे मुंहासे होने का रिस्क कम होता है. साथ ही आपकी त्वचा मोइश्चराइज रहती है. मानसून में हल्के पानी और जेल आधारित मोइश्चराइजर का इस्तेमाल करें. इससे आपकी त्वचा रिफ्रेश रहेगी और चिपचिपी नहीं होगी.