केंद्र व दिल्ली सरकार कारोबारियों का करें ब्याज माफ़ : भाई मेहरबान
August 4, 2020 • Bilal Ansari

केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से कारोबारियों  के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिन व्यापारियों के लोन चल रहे हैं उनके ब्याज माफ होने  चाहिए और जिन लोगों के व्यापार पर ताले लगे हुए हैं उनको पुनः खड़े होने के लिए सरल शर्तों के साथ लोन मिलना चाहिए ! कारोबारी एक्टिव होगा तभी शहर और देश तरक्की करेगा ! यह कहना है सदर बाजार  व्यापार संघ दिल्ली व भाईचारा समिति के अध्यक्ष एवं लव कुश रामलीला कमेटी लाल किला मैदान दिल्ली के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाई मेहरबान का। भाई मेहरबान सेक्यूलर  सोच के मालिक होने के साथ-साथ सैकड़ों समाज सेवी संगठनों के मुख्य पदों पर रहकर जन मानस की नि:स्वार्य सेवा कर रहे हैं ! सदर बाजार स्थित अपने कार्यालय में फेस न्यूज़ के सम्पादक डॉक्टर मुश्ताक़ अंसारी के साथ एक खास मुलाकात में भाई मेहरबान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कोरोना के कारण 3 महीने मार्केट बंद रहने के बाद कारोबारी अपनी दुकानों पर तो लौटे हैं लेकिन मार्केट में काम नहीं है ! बिजली विभाग ने बंद दुकानों का भी बिल भेज दिया है !सदर बाजार में 25  प्रतिशत दुकानदारों की किराये की दुकाने हैं,काम ना होने के कारण कारोबारियों ने दुकानें खाली कर दी हैं ! अन्य प्रदेशों के व्यापारी जब तक दिल्ली की ओर रुख नहीं करेंगे तब तक मार्केट में तेजी नहीं आ सकती !
लॉकल मार्केट में भी मंदी है ? प्रश्न का उत्तर देते हुए भाई मेहरबान ने कहा कि अभी गरीब 25 प्रतिशत लोग कोरोना से डरे व सहमे हुए हैं।वह घरों से नहीं निकल रहे हैं ! कारोबार  की हालत तो लोकडाउन से पहले भी काफी खस्ता थी और अब कोरोना लॉकडाउन के दौरान तो बद से बदत्तर हो चुकी है ! आपसी सौहार्द और भाईचारे पर बल देते हुए भाई मेहरबान ने कहा कि केंद्र और दिल्ली दोनों सरकारों को चाहिए देश की एकता और भावण्डता  के लिए ठोस कदम उठाएँ क्योंकि वर्तमान परिवेश में धार्मिक भेदभाव काफी देखने को मिल रहा है,जिससे देश को भारी नुकसान पहुंचा है ! सम्प्रदायिक देगों के कारण ही विदेशी कंपनियों भारत में इन्वेस्ट करने को तैयार नहीं हैं और जब तक कारोबार के अवसर नहीं बनेंगे तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता ! भाई मेहरबान ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर फिजूल खर्चे से बचें और गरीबों की मदद करें ! 15 अगस्त पर कोई आयोजन ना करें सिर्फ घरों की छतों पर तिरंगा लहराए और बचे हुए धन को गरीबों पर खर्च करें