केजरीवाल सरकार प्रदूषण रोकने में पूरी तरह विफल विजय गोयल
October 18, 2019 • sona thakur

 नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।  प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विजय गोयल ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को स्लम की जिंदगी जीने पर मजबूर कर दिया है, इसलिए उनके ऊपर महाभियोग चलाया जाना चाहिए क्योंकि विश्व के 1600 शहरों में दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर बन गया है जिसके लिए केजरीवाल पूरी तरह जिम्मेदार है। इस अवसर पर मीडिया प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराहा व सह-प्रमुख हरिहर रघुवंशी भी उपस्थित थी।

    श्री विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है और केजरीवाल संस्थाओं और विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स को लगातार झुठलाने की कोशिश कर रहे हैं जो दिल्ली के लोगों के साथ धोखा है। केजरीवाल दिल्ली के करोड़ों लोगों की जान से खेल रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियों का ठीकरा दूसरे राज्यों पर पराली जलाने के रूप में फोड़ रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों की रिपोर्ट बताती है कि पराली से केवल 1 से 10 प्रतिशत तक ही प्रदूषण हो सकता है। स्पष्ट है कि 90 प्रतिशत प्रदूषण स्थानीय कारणों की वजह से हो रहा है जिसकी जवाबदेही सीधे तौर पर मुख्यमन्त्री की बनती है, क्योंकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार गिर रहा है और एयर क्वालिटी इंडेक्स 312 के खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स सामान्य तौर पर 50 होता है और 50 से 100 के बीच इसे संतोषजनक माना जाता है। वहीं पी एम 2.5 बेहद खराब स्थिति में है और पीएम 10 का स्तर 263 के पार चला गया है जो कि अत्यन्त गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। 
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    श्री गोयल ने कहा कि प्रदूषण चुनावी मुद्दा जायेगा क्योंकि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक भी उपाय नहीं किया और न ही कोई उपाय करना चाहती है। प्रदूषण कम करने के बहाने केजरीवाल खुद का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं आॅड-ईवन जनता को परेशान करने वाला बताते हुए श्री गोयल ने कहा कि पिछले पांच साल में केजरीवाल ने सिर्फ दो बार आॅड-ईवन लागू किया। यदि आॅड-ईवन इतना ही अच्छा था तो पिछले पांच वर्षों में लागू क्यों नहीं किया गया। प्रदूषण को रोकने में आॅड-ईवन पूरी तरह फेल है और इस तरह का नाटक केजरीवाल अपने कार्यकाल में करते रहे हैं। यह जनता को सिर्फ परेशान करने वाला है क्योंकि केजरीवाल ने आॅड-ईवन के दौरान कोई वैकल्पिक यातायात के साधन विकसित नही किए है। 10 हजार बसें लाने का वादा किया था जो उन्होंने पूरा नही किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री मास्क बांटकर यह साबित कर रहे हैं कि प्रदूषण को रोकने में विफल हैं।  
     श्री गोयल ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए केजरीवाल ने एक भी बैठक नहीं बुलाई जिसमे विपक्ष के लोगों से कोई सुझाव माँगा जाये या फिर जिसमे प्रदूषण को रोकने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया जाये, इससे पता चलता है कि केजरीवाल प्रदूषण को रोकने के लिए कितने गंभीर हैं, जबकि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण दिल्ली के प्रदूषण में कमी आयी है, पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बनने से करीब प्रतिदिन 60 हजार वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद हो गया है। कोयले से चलने वाला बदरपुर थर्मल पॉवर प्लांट को केन्द्र सरकार के द्वारा पहले ही बंद करके बवाना में गैस आधारित प्लांट शुरू कर दिया गया। 10 साल से ज्यादा समय के डीजल से चलने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश बंद कर दिया। केन्द्र सरकार द्वारा अप्रैल, 2020 से बीएस- 6 वाहन एवं पेट्रोल मिलना शुरू हो जायेगा।