जरा याद करो कुर्बानी
August 4, 2020 • Bilal Ansari

देश 73 वां स्वतंत्रता दिवस सेलिब्रेट कर रहा है, लेकिन यह आजादी हमें यूं ही नहीं मिल गई। हमारे बुजुर्गों ने बड़ी कुर्बानियां जान माल की दी हैं,वर्षों वर्ष संघर्ष किया है,बहुत ही कष्टों भरा जीवन व्यतीत किया है,तब कहीं जाकर हम अंग्रेजों को देश से भगाने में सफल हुए ! हमारे देश में अभी भी ऐसे लोगों की भारी संख्या मौजूद है जिन्होंने गुलामी का जीवन व्यतीत किया ! सही मायनों में उन लोगों को आज़ादी की कद्र है ! वरना हमारी युवा पीढ़ी तो सिर्फ अधिकारों व सुविधाओं की बात करती है ! किस किस तरह के ज़ुल्म अंग्रेजों ने हम भारतीयों पर किए उसे याद करके रूह कांप उठती है ! जो लोग आज अपने ही देश के साथ गैरों जैसा बर्ताव करते हैं उन्हें शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी को नहीं भूलना चाहिए ! जरा याद करो कुर्बानी शीर्षक को लेकर हमें समाज के कुछ बुद्धि जीवियों से चर्चा की है ! प्रस्तृत हैं कुछ मुख्य अंशः 

ट्रासं यमुना विकास बोर्ड दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी चेयरमैन सरदार अबजीत सिंह गुलाटी ने यादों से झरोखे से कुछ मंजंरो को बयां करते हुए कहा कि अंग्रेजों के शासन काल में भारतीयों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता था ! हम लोग न तो अच्छे रेस्टोरेंट्स में जा सकते थे,ना ही ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में सफर कर सकते थे,ना ही सार्वजनिक स्थानों का प्रयोग कर सकते थे ! प्रशासन में भी ऊंचे पदों पर हमारी नियुक्तियाँ नहीं होती थीं ! बड़े कारोबार भी हम नहीं कर सकते थे ! करीब 100 वर्ष तक हमारे स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों से आज़ादी की लड़ाई लड़ते रहे और जब अंग्रेज विवश हो गए तब कहीं जाकर हमें आजादी मिली ! अंग्रेज भारतीयों को ब्लैक डांग के नाम से पुकारते थे !

श्रीमती परवीना शर्मा ( पूर्व प्रत्याशी अनारकली वार्ड पूर्वी दिल्ली नगर निगम ) ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस नेताओं की  अहम भूमिका रही,कांग्रेस नेताओं की बदौलत ही आज हम आजाद भारत की खुली फिंजा में सांस ले रहे हैं ! स्वतंत्रता सेनानियों की मुखबरी करके अंग्रेजों से इनाम पाने वाले देश के जो गद्दार आज देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं,उनकी गद्दारी भरी कारगुजारियां  इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं ! भाजपा आज देश को धर्म,जाति के नाम पर बांटकर राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति कर रही है,लेकिन हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि सभी धर्म,जाति,समुदाय के लोगों ने संयुक्त रूप से आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया,तभी हमें आजादी मिली ! परवीन शर्मा ने स्वतंत्र संग्राम में आर एस एस की भूमिका का खुलासा करते हुए कहा कि कोई एक ऐसा कार्य इन्होंने नहीं किया जिसे देश हित में गिना जा सके ! एक गोली तक इनकी किसी नेता या कार्यकर्ता ने अंग्रेजों पर नहीं चलाई ! हां महात्मा गांधी की हत्या करके देश का नुकसान इन्होंने जरूर किया है !

श्री रमेश बलूनी ( प्रमुख समाज सेवी लक्ष्मी नगर दिल्ली ) ने देश की आजादी के लिए शहीद हुए देश भक्तों को नमन करते हुए कहा कि आज़ादी की लड़ाई में सभी भारतीयों ने अपने अपने स्तर पर हिस्सा लिया ! जो स्वतंत्रता सेनानी आमने सामने की लड़ाई लड़ रहे थे उनके अलावा भी बहुत से लोग थे जिन्होंने तरह-तरह की कुर्बानियां दीं ! जो लोग अंग्रेज सरकार में नौकरियां कर रहे थे,उन्होंने नौकरियां छोड़ दीं,वकीलों ने अदालत जाना छोड़ दिया,व्यापारियों ने अंग्रेजों से व्यापार करना छोड़ दिया,जिससे अंग्रेजी शासकों के पैर उखड़ने लगे और उन्हें भारत छोड़ना पड़ा !

दिल्ली स्टेट मोमिन कॉन्फ्रेंस के सचिव श्री रियाजुद्दीन अंसारी ने आज़ादी के लिए देश पर जान कुर्बान करने वाले शहीदों को याद करते हुए कहा कि देशवासियों ने आज़ादी की बहुत बड़ी कीमत चुकाई है !अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी हमारे देशी उत्पादों को बाजार में बिकने नहीं देती थी ! थाने  अदालतों में भारतीयों के साथ भेदभाव होता था,अदालतों से इंसाफ मिलना बहुत मुश्किल काम था,किसान जो सब का पेट भरता है,उसको दो वक्त की रोटी नसीब नहीं थी,पुलिस को देखकर लोग घरों में छुप जाया करते थे ! इन सब के बावजूद हमारी आज़ादी के दीवानों ने अपनी मुहिम को जारी रखा और देश को आज़ाद कराकर ही दम लिया

कु: शिल्पा वर्मा ( हरियाणा एक्टे्स एवं आइटम डांस पर्फ़ोर्मर ) ने कहा कि हमने किताबों में भी पड़ा है और फिल्मों में भी देखा है कि अंग्रेजों ने कितना जुल्म हमारे स्वतंत्रता सेनानियों पर किया है ! भारत के लोग तो सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी करते थे,पेट भर खाना मिल जाना बड़ी बात थी ! अंग्रेज पूरे ऐशो आराम से जीवन यापन करते थे ! मनोरंजन का अधिकार भी भारतीयों को नहीं था लेकिन स्वतंत्रता संग्राम की जब जंग छिड़ी तो शायर,कवि व पत्रकारों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया ! कलाकार भी नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनता को जागरूक करते थे ! सभी धर्म,वर्ग व जाति के लोगों ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लिया तभी भारत आजाद हुआ !