इस बार सादगी से मनायें ईद,उपहारों का करें बहिष्कार
May 3, 2020 • Bilal Ansari

देश कोरोना की महामारी से गुज़र रहा है ,लॉकडाउन की तारीख़ भी बढ़ाकर 17 मई कर दी गई है।बड़ी समझदारी की बात है कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए मुस्लिम समाज रोज़े व अन्य इबादतों को पूरा कर रहा है। मैं मुस्लिम समाज से एक अपील और करना चाहता हूँ कि इस वर्ष ईद भी सादगी से मनाएँ। उक्त विचार भाई चारा समिति दिल्ली के अध्यक्ष व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव भाई मेहरबान ने फ़ेस न्यूज़ के साथ एक ऑनलाइन साक्षात्कार में व्यक्त किए।भाई मेहरबान ने आगे कहा कि देश में बहुत बड़ी आबादी ऐसे लोगों की भी मौजूद है जो दो वक़्त की रोटी तक के लिए परेशान हैं। सरकारी राशन और समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से वह अपना पेट भर पा रहे हैं,ऐसी स्थिति में अगर सक्षम लोग नए कपड़े पहनकर उपहारों का आदान प्रदान करते दिखाई देंगे तो उन ग़रीबों को कष्ट होगा और एक मुसलमान से किसी इंसान को ( चाहे वह किसी भी धर्म का मानने वाला हों ) कष्ट पहुँचे इस्लाम इस बात की इजाज़त नहीं देता। उन्होंने जकात से सम्बंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जिन लोगों पर जकात वाजिब है वह जल्द से जल्द जकात की रक़म या राशन जरूरतमंदों को अदा करें और अपने पड़ोस का विशेष ख्याल करें कि कोई भूखा ना रह जाए ! कोरोना से लड़ी जा रही इस जंग में जो लोग नफ़रत फैलाने व देश को हिंदू मुस्लिम में बाँटने का काम कर रहे हैं ऐसे लोगों से आपसी सौहार्द क़ायम करने की अपील करते हुए भाई मेहरबान कुरेशी ने कहा कि यह वक़्त राजनीति करने का नहीं है, क्योंकि करोना किसी भी व्यक्ति को उसका धर्म पूछकर प्रभावित नहीं करेगा।उन्होंने कहा कोरोना की जंग आपसी एकता के साथ लड़नी होगी,क्योंकि देश ‘मैं’ से नहीं हम से चलेगा ! एकता में शक्ति होती है ! और महान वही होता है जो अपने से कमज़ोर पर दया करता है !