हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने की 70 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य जांच
December 15, 2019 • K. S. Sharma

नई दिल्ली, 14 दिसंबर ! भारत के अग्रणी स्वयंसेवी संगठन हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा कोटला मुबारकपुर में पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 70 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हुए। शिविर का उद्घाटन स्थानीय एसएचओ श्री अजय नेगी ने किया। इस अवसर पर एचसीएफआई एवं सीएमएएओ के अध्यक्ष पद्मश्री अवार्डी डॉ के के अग्रवाल, डॉ केके कालरा, डॉ मिनि मेहता सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे। एसीएफआई द्वारा पुलिसकर्मियों को सीपीआर एवं जीवन शैली की विभिन्न तकनीकों तथा चोकिंग की स्थिति में किसी की मदद करने पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
 यह सर्वविदित तथ्य है कि कार्डियक अरेस्ट के पहले 10 मिनट में सीपीआर बहुत प्रभावी होता है। एचसीएफ आई लगातार स्कूली बच्चों सहित सभी उम्र के लोगों को यह तकनीक सिखाने में जुटा हुआ है, ताकि प्रशिक्षित लोग चोकिंग की स्थिति में जरूरतमंद व्यक्ति की मदद कर सकें।
 
इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ अग्रवाल ने कहा कि पुलिस को हमेशा ड्यूटी पर रहना पड़ता है, इसलिए उनका शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट होना अत्यंत आवश्यक है। यह हेल्थ कैंप प्रीवेंटिव हेल्थ चेक अप और एक स्वस्थ जीवन शैली मेंटेन करने की दिशा में बीमारियों से बचने की जागरूकता को लेकर एक कदम है। हम उन्हें सीपीआर एवं चोकिंग के समय काम आने वाली तकनीक पर भी प्रशिक्षित कर रहे हैं। इन दोनों तकनीकों के लिए आपको एक्सपर्ट होने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप इसे सीख गए हैं, तो आप इसे कर सकते हैं। हमें यह याद रखना चाहिए कि सीपीआर बहुत ही मानवीय और सेवा का कार्य है।

इस अवसर पर श्री नेगी ने कहा कि पुलिस कर्मियों के लिए यह कैंप आयोजित करने के लिए हम एसीएफआई का धन्यवाद देते हैं। यह सुखद है कि संस्था लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। यह प्रशिक्षण लेकर पुलिसकर्मी ना सिर्फ तत्काल मेडिकल हेल्प देने में सक्षम होंगे, बल्कि वे यह भी सुनिश्चित कर पाएंगे कि वे स्वयं को फिट रखें। मृत्यु की स्थिति में कई बार पुलिस वह होती है जो सबसे पहले वहां पहुंचती है। इसलिए कार्डियक अरेस्ट सहित अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में वे जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ मिनि मेहता ने कहा कि सीपीआर 10 मंत्र है, मृत्यु के दस मिनिट के भीतर जितनी जल्दी हो उतना बेहतर, अगले दस मिनिट तक, जितनी देर हो उतना बेहतर, छाती के बीच में दबाएं 100 बार प्रति मिनिट की गति से। अंक गणित से देखें तो सीपीआर संख्या 10 के बराबर है। अंग्रेजी वर्णमाला में सी तीसरे क्रमांक पर आता है, पी 16 और आर 18 वे क्रम पर। यदि हम इन तीनों को जोड़ दें तो 37 आएगा और इसके अंक का जोड़ 10 आएगा। इस तरह सीपीआर 10 को याद रखने का प्रभावी तरीका है।
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हार्ट केअर फाउंडेशन ऑफ इंडिया
हार्ट केअर फाउंडेशन ऑफ  इंडिया की शुरूआत 1986 में हुई थी। यह एक अग्रणी गैर सरकारी संस्था है जिसका उद्देष्य लोगों को उनके जीवन के हर कदम और प्रत्येक पहलू से संबंधित स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक करना है और देश की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान हेतु  उपाय करने में सहयोग देना है। एनजीओ लोगों को जागरूक करने और उन्हें स्वास्थ्य पहलुओं से अवगत कराने के लिए उपभोक्ता आधारित मनोरंजक साधनों का इस्तेमाल करता है।  इसका सबसे बड़ा उदाहरण परफेक्ट हेल्थ मेला हैए जो कि एक वार्षिक आयोजन है। मेले की शुरूआत 1993 में की गई थीए जिसमें हर साल 2.3 लाख लोग हिस्सा लेते हैं। मेले में विभिन्न श्रेणियों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैंए जैसे कि स्वास्थ्य शिक्षा सेमिनारए चेकअपए मनोरंजक कार्यक्रमए लाइफस्टाइल एग्जिबिषनए लेक्चरए कार्यषाला और प्रतियोगिता आदि। इसके अतिरिक्तए एनजीओ लोगों को हैंड्स ओनली सीपीआर.10 तकनीक को सीपीआर 10 मंत्र के माध्यम से सिखाने के लिए सेमिनार आदि भी लगाता हैए इसके तहत सडन कार्डिएक अरेस्ट के बाद मरीज को पुनर्जीवित करने की तकनीक सिखाई जाती है। उनका नाम एक साथ सबसे ज्यादा संख्या में लोगों को सीपीआर 10 तकनीक सिखाने के लिए लिमका बुक ऑफ वल्र्ड रेकार्ड में भी दर्ज है। भारतीय संविधान की धारा 21 को दिमाग में रखते हुएए जो हर व्यक्ति को जीवन का अधिकार देती हैए हार्ट केयर फाउंडेषन ऑफ इंडिया ने हाल ही में एक प्रोजेक्ट समीर मलिक हार्ट केयर फाउंडेषन फंड की भी षुरूआत की है। इसके तहत उन दिल के मरीजों को आर्थिक और तकनीकी सहायता मुहैया कराई जाती है जो आर्थिक रूप से पिछ़ड़े हैं।