ग़रीब के साथ अब मध्यवर्ग भी संकट में : उमर सैफी
May 7, 2020 • Bilal Ansari

मोदी सरकार ने बिनाप् लानिंग किया लॉकडाउन 
केजरीवाल सरकार के ऑनलाइन राशन कूपन लेकर भटक रहे हैं ग़रीब

कोरोना वायरस से लड़ी जा रही जंग में जहाँ सरकार पूरा दमख़म दिखा रही है,हमारे कोरोना योद्धा डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, सफ़ाई कर्मचारी आदि हमें सुरक्षा प्रदान कर  रहे हैं,वहीं सभी राजनैतिक पार्टियों के नेता व कार्यकर्ता भी अपने अपने स्तर पर समाजवादी को समर्पित हैं ! इसी कड़ी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद उमर सैफी भी समाज सेवा के कार्यों में विलीन हैं ! उमर सैफी कांग्रेस नेता के साथ साथ प्रमुख समाज सेवी के रूप में भी जाने जाते हैं, इसी नाते देश पर आए इस भयानक संकट क़े दौर में भी वह दोहरी ज़िम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं !जहाँ एक ओर अपने प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के दिशा निर्देश में कांग्रेस रसोई के माध्यम से ज़रूरतमंदों को खाना खिला रहे हैं,वार्ड स्तर तक इलाकों को सेनेटाइज़ कर रहे हैं वहीं पार्टी गाइडलाइन से आगे बढ़कर गरीबों को सूखे राशन की किट भी वितरित कर रहे हैं ! 

फ़ेस न्यूज़ के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार में श्री सैफी ने बताया कि वह लॉकडाउन के पहले सप्ताह से ही गरीबों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं !उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने बिना प्लानिंग लॉकडाउन करके जनमानस के लिए विभिन्न प्रकार की समस्यायें खड़ी कर दी हैं,जिनका निपटारा करने में बड़ी मुश्किल आ रही है, ग़रीब वर्ग बेहद दयनीय स्थिति में है और अब एक माह बीत जाने के बाद मध्य वर्ग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है ! कारोबार पर तालें लग जाने के बाद पूंजीपतियों ने अपनी तिजोरियां पर भी ताले डाल दिए हैं ! जिससे पैसे का सर्कुलेशन रुक गया है ! अब हालात यह बन गए हैं कि राशन ख़त्म होने के साथ साथ पैसा भी ख़त्म हो गया है ! ग़रीब तो सरकारी भोजन की लाइनों में लगकर अपना गुज़ारा कर लेगा लेकिन मध्य भाग तो किसी से उधार भी नहीं माँग सकता और पूंजीपति अपनी तिजोरियां खोलने को तैयार नहीं हैं ! श्री सैफी ने एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने जो पाँच सुझाव प्रधानमंत्री मोदी को दिए हैं उन पर ध्यान देना चाहिए जिससे देश का ढाई लाख करोड़ फ़िज़ूल खर्ची से बच जाएगा ! उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार भी गरीबों को राशन उपलब्ध कराने में विफल रही है ! मुख्यमंत्री केजरीवाल राशन वितरण व भोजन उपलब्ध कराने की ख़बरें तो अख़बारों में बड़ी बड़ी प्रकाशित करा रहे हैं लेकिन ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है ! राशन के ऑनलाइन कूपन लेकर ग़रीब दर दर भटक रहे हैं,विधायकों के ऑफ़िस बंद हैं और फ़ोन पर भी यह लोग बात करने को तैयार नहीं अगर कांग्रेस और समाज सेवी संस्थाएँ मैदान में न होती तो दिल्ली की स्थिति बेहद भयानक होती !