देश की प्रगति में बाधक है धार्मिक नफ़रत : गुरचरन राजू
May 7, 2020 • Bilal Ansari

लघु उधोग मालिक भी संकट में पूरे देश में गरीबों को समर्पित कांग्रेस रसोई

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बिना प्लानिंग शराब की दुकानें खोलीं जिसके नतीजे ये हुए की सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाते हुए हज़ारों की संख्या में लोग शराब की दुकानों पर देखने को मिले ! ग़रीब को राशन नहीं मिल रहा है मध्य वर्ग ख़र्चे के लिए परेशान है ! सबने अपने कारोबार बंद करके लॉकडाउन का पालन किया लेकिन शराब की दुकानों पर लगी भीड़ से नि:संदेह करोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होगी !जिसके लिए केंद्र और दिल्ली दोनों सरकारें ज़िम्मेदार हैं ! उक्त विचार कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद प्रीत विहार वार्ड गुरचरण सिंह राजू ने फ़ेस न्यूज़ के साथ एक मुलाक़ात में व्यक्त किए !

श्री राजू ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि शराब पीने से कोरोना नहीं भागेगा। ज़्यादा अच्छा होता कि मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारे व चर्चों को खोला जाता है,जहाँ लोग सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कोरोना के नष्ट होने की दुआएँ करते।उन्होंने कहा रेवेन्यू इकट्ठा करना अगर इतना ज़रूरी था तो शराब की होम डिलिवरी होनी चाहिएथी। कांग्रेस रसोई से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए ज़िला अध्यक्ष राजू ने बताया कि सोनिया जी के आदेश का पालन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी जी के नेतृत्व में कांग्रेस के सिपाही लॉकडाउन के पहले दिन से ही अपने अपने क्षेत्रों में ज़रूरतमंदों को कांग्रेस रसोई से भोजन उपलब्ध करा रहे हैं तथा दिल्ली के सभी वार्डों में कांग्रेस का सिपाही करेगा कोरोना की धुलाई शीर्षक के तहत सेनिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है ! उन्होंने कहा मेरे ज़िले में कांग्रेसजन भी अपनी ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभा रहे हैं और मैं ख़ुद भी सभी विधानसभाओं में अपनी सेवाएँ दे रहा हूँ।

मध्यवर्ग की पीड़ा पर अपने विचार रखते हुए गुरचरण राजू ने कहा कि लघु उद्योगों के मालिक वर्करों को सेलरी, बिजलीका बिल, बच्चों के स्कूल की फ़ीस और अन्य कई प्रकार की किश्तें कैसे और कहाँ से दें ! इस और भी सरकार को ध्यान देना चाहिए ! ग़रीब के साथ साथ मध्यम वर्ग भी काफ़ी संकट में है ! गोदी मीडिया की भूमिका पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री राजू ने कहा कि देश पर आए संकट के दौर में भी कुछ न्यूज़ चैनलों ने देशवासियों के बीच धार्मिक भेदभाव की खाई को गहरा किया है ! जमातियों से अगर चूक हुई तो इसके लिए पूरे मुस्लिम समाज को दोषी ठहराना उचित नहीं उसके बाद उन्ही 300 जमातियों ने जब प्लाज़्मा थैरेपी हेतु रक्तदान किया तो यह ख़बर भी मीडिया कर्मियों ने नहीं दिखाई !उन्होंने कहा मुसलमान भी इस देश का हिस्सा हैं जिसको देश से निकाल पाना संभव नहीं है तो फिर धार्मिक नफ़रत क्यों ? उन्होंने कहा देश की प्रगति इसी में संभव है कि देश में सभी लोग आपसी सौहार्द में साथ एक दूसरे का सहयोग करें !