भारत को बुलंदीयो पर पहुँचाया विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ० मनमोहन सिंह ने 
September 26, 2020 • Shivani Choudhary

आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्रृद्धेय मनमोहन सिंह जी का 86 वां जन्मदिन है।। वर्तमान राजनीतिक दौर में श्री मन मोहन सिंह साहब के व्यक्तितव और कृतित्व का कोई सानी नहीं है।। विश्व विख्यात अर्थशास्त्री के रूप में श्री सिंह ने संपूर्ण भारत को नई बुलंदिया अता की हैं।। आपकी शालीनता, सुसंस्कृति और प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।। हम गौरवान्वित हैं कि आप हमारे चहेते प्रधानमंत्री रहे।। ईश्वर आपको दीर्घायु होने के साथ सदैव स्वस्थ रहने का आशीर्वाद प्रदान करे हमारी यही दुआ है।।

आपका जीवन संपूर्ण देश के युवाओं के लिए संदेश है।।
आपका संक्षिप्त परिचय--
भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में प्रसिद्ध है। वह अपनी नम्रता, कर्मठता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितम्बर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रान्त के एक गाँव में हुआ था। डॉ. सिंह ने वर्ष 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मेट्रिक की शिक्षा पूरी की। उसके बाद उन्होंने अपनी आगे की शिक्षा ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से प्राप्त की। 1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स की डिग्री अर्जित की। इसके बाद 1962 में उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के नूफिल्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी.फिल किया। उन्होंने अपनी पुस्तक “भारत में निर्यात और आत्मनिर्भरता और विकास की संभावनाएं” में भारत में निर्यात आधारित व्यापार नीति की आलोचना की थी।
पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में डॉ. सिंह ने शिक्षक के रूप में कार्य किया जो उनकी अकादमिक श्रेष्ठता दिखाता है। इसी बीच में कुछ वर्षों के लिए उन्होंने यूएनसीटीएडी सचिवालय के लिए भी कार्य किया। इसी के आधार पर उन्हें 1987 और 1990 में जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव के रूप में नियुक्ति किया गया।
1971 में डॉ. सिंह वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में शामिल हुए। 1972 में उनकी नियुक्ति वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में हुई। डॉ. सिंह ने वित्त मंत्रालय के सचिव; योजना आयोग के उपाध्यक्ष; भारतीय रिजर्व बैंक के अध्यक्ष; प्रधानमंत्री के सलाहकार; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
डॉ सिंह ने 1991 से 1996 तक भारत के वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया जो स्वतंत्र भारत के आर्थिक इतिहास में एक निर्णायक समय था। आर्थिक सुधारों के लिए व्यापक नीति के निर्धारण में उनकी भूमिका को सभी ने सराहा है। भारत में इन वर्षों को डॉ. सिंह के व्यक्तित्व के अभिन्न अंग के रूप में जाना जाता है।
डॉ. सिंह को मिले कई पुरस्कारों और सम्मानों में से सबसे प्रमुख सम्मान है – भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण(1987); भारतीय विज्ञान कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पुरस्कार (1995); वर्ष के वित्त मंत्री के लिए एशिया मनी अवार्ड (1993 और 1994); वर्ष के वित्त मंत्री के लिए यूरो मनी अवार्ड (1993), कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (1956) का एडम स्मिथ पुरस्कार; कैम्ब्रिज के सेंट जॉन्स कॉलेज में विशिष्ट प्रदर्शन के लिए राइट पुरस्कार (1955)। डॉ. सिंह को जापानी निहोन किजई शिम्बुन एवं अन्य संघो द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. सिंह को कैंब्रिज एवं ऑक्सफ़ोर्ड तथा अन्य कई विश्वविद्यालयों द्वारा मानद उपाधियाँ प्रदान की गई हैं।
डॉ. सिंह ने कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1993 में साइप्रस में राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक में और वियना में मानवाधिकार पर हुए विश्व सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है।
अपने राजनीतिक जीवन में डॉ. सिंह 1991 से भारतीय संसद के उच्च सदन (राज्य सभा) के सदस्य रहे जहाँ वे 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता थे। डॉ. मनमोहन सिंह ने 2004 के आम चुनाव के बाद 22 मई 2004 को प्रधानमंत्री के रूप के शपथ ली और 22 मई 2009 को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।
डॉ. सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर की तीन बेटियां हैं।

श्रृद्धेय

आपको, आपके जन्मदिन पर बहुत बहुत बधाईयाँ, आपकी शुभ जन्म तिथि पर मैं आपका हृदय के अंतः स्थल की गहराईयों से अभिनन्दन और वंदन करता हूँ।

जीवेम शरद: शतम, 

आप सुखी रहें, मन में शांति हो, जीवन समृद्धिवान हो, आपका व्यक्तित्व कीर्तिवान हो , यशवान हो, आयुष्मान हो, आप  स्वस्थ रहें, दीर्घायु रहें, आपकी कीर्ति की पताका निरंतर फहराती रहे, आने वाला प्रत्येक नया दिन, आपके जीवन में अनेकानेक सफलताएँ एवं अपार खुशियाँ लेकर आये ! इस अवसर पर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वह, वैभव, ऐश्वर्य, उन्नति, प्रगति, आदर्श, स्वस्थ तन और स्वच्छ मन, प्रसिद्धि और समृद्धि के साथ आजीवन आपको जीवन पथ पर गतिमान रखे।

दिनं सुदिनं जन्मदिनम तव, 
भवतु मंगलम जन्मदिनम।।
विजयी भव सर्वत्र सर्वदा, 
भवतु मंगलम जन्मदिनम।।

चंहु और आपकी मानवता के यशोगान गूंजे इन्हीं दुआओं के साथ।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ तथा मंगलकामनांएँ.........................

लक्ष्य प्राप्ति हेतु कर्तव्य पथ पर परम पिता परमेश्वर और माँ भारती का आशीर्वाद आप पर सदैव बना रहे ऐसी प्रार्थना है।

Many Happy Returns of the Day.....
Wish You a Very Happy Birthday..... 
May God you, Jai Hind 🙏💐