भारत डटकर कर रहा है मुकाबला कोरोना रूपी रावण से
April 15, 2020 • B. N. Jha

इतिहास गवाह है कि जब जब भारत में आपातकालीन स्थिति का सृजन हुआ  तो सम्पूर्ण भारतवर्ष, सभी धर्म और सभी जाति के लोग सहित सभी विरोधी पार्टियां दलगत भावनाओं से दूर रहकर   देश हित, देश प्रेम और मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर करने के लिए सदैव  तैयार रहते हैं, इसका ज्वलंत उदाहरण अभी पूरा विश्व देख रहा है कि भारतवर्ष के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तले हर भारतवासी (चाहे वह किसी भी जाति और किसी भी धर्म से संबंधित क्यों ना हों), उनके हर दिशा निर्देश का अपने अन्तःकरण से पालन कर रहे हैं,
मोदी जी की दूरदर्शिता और कठोर से कठोर निर्णय लेने की क्षमता का ही परिणाम है कि पूरे देश को एक साथ लॉक डाउन समय से पूर्व किया गया जिसकी हिम्मत विकसित देश अमेरिका, इटली, स्पेन, जर्मनी आदि नहीं कर पाए, सबसे चौंकाने वाली बात यह उभरकर देखने को मिल रही है कि विश्व का सबसे विकसित और ताकतवर देश अमेरिका भी सम्पूर्ण लॉक डाउन करने की हिम्मत नहीं दिखा पाया, शायद उनके जहन में मानव मूल्यों से आर्थिक मूल्य अधिक महत्वपूर्ण है, यदि हम यह कहें को उन विकसित देशों ने करोना के आगे अपने अपने घुटने टेक दिए हैं तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, इस दिशा में हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि " जान है तो जहान है" लॉक डाउन का पालन मोदी जी की अपील पर हर देशवासी देशप्रेम के वसीभूत होकर कर रहा है, विदेशी विमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे निर्णय लेकर उन्होंने कोरोना के खिलाफ अघोषित युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देकर पूरे विश्व को दिखा दिया कि विभिन्न भाषाओं, विभिन्न धर्म और विभिन्न जाति से समावेशित भारत एक है, इसकी एकजुटता अटूट है !
कुछ विदेशी मीडिया भारतवर्ष को धर्म के आधार पर बांटने की असफल कोशिश कर रहे है, भारत को विश्व पटल पर बदनाम करने के लिए भ्रामक दुष्प्रचार किया जा रहा है कि यहां के मुसलमानों के प्रति दोयम दर्जे का व्यवहार सरकार कर रही है जो आधारहीन, तथ्यहीन और सत्य से परे है, यहां सदियों से भारतवर्ष का यह नारा अमल में लाया जाते रहा है कि हिन्दू मुस्लिम भाई भाई, आपदा की इस घड़ी में हर गली, हर मोहल्ले, हर गांव में एक दूसरे को मदद करते हर संप्रदाय के लोग दिखाई दे रहे हैं, कोरोना के कारण मृत मुसलमानों के शव को हिन्दू उनकी रीति के अनुसार दफना रहे हैं और हिन्दूओं के शव को उनकी रीति रिवाज से मुसलमान दाह संस्कार कर रहे हैं, इससे बढ़कर कौमी एकता की मिसाल क्या हो सकती है? विदेशी मीडिया को इन बातों को अपने संज्ञान में लाना होगा और सत्य को विश्व पटल पर पत्रकारिता के धर्म को निभाना होगा,
जन जन के बीच सरकार की तरफ से भोजन, राहत सामग्री एवं अन्य बुनियादी जरूरतें पहुंचाई जा रही है, किसानों , मजदूरों और निर्धनों को उसके खाते से सहयोग राशि डाली जा रही है ताकि लॉक डाउन में उन्हें आर्थिक तंगी से ना जूझना पड़े !
देश के सभी छोटे बड़े अस्पतालों को आवश्यक उपकरणों से लैस किया गया है ,साथ में अन्य और अधिक संख्या में आवश्यक चीजों को उपलब्ध करने का कार्य तीव्र गति से प्रगति में है !


चिकित्सकों एवम उनके सहकर्मियों का मनोबल तथा हौसला बढ़ाने में भी मोदी जी विश्व में एकमात्र नेता उभरकर सामने आए कि उनकी एक अपील पर एक दिन, एक समय और एक अवधि के लिए देश का हर नागरिक घंटा, घंटी, शंखनाद, थाली बजाकर साथ में दीपक, मोमबत्ती, टॉर्च आदि जलाकर चकित्सकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें संदेश दिया कि पूरा देश उनके सम्मान में एक साथ खड़ा है ! मोदी जी का दिल को झकझोर करने वाला यह अनुकरण अन्य देश भी कर रहे हैं जो भारत  की सभ्यता, संस्कृति, सार्थक सोच और गरिमा का प्रतीक है ! 
इस आपातकालीन स्थिति में जब हर कोई अपने लिए और सिर्फ अपने लिए सोचता है, दुनिया के सबसे बड़े देश के राजा मोदी जी ने अन्य देशों के अलावा विकसित देशों को भी मदद कर राम कृष्ण की पवित्र वसुंधरा पर जन्मे दानवीर कर्ण और दानवीर भामाशाह की के इतिहास को पुनर्जीवित कर भारत के मशहूर मुस्लिम शायर इकबाल के उस पंक्ति को साकार कर दिया कि सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा !