भाजपा ने की दिल्ली सरकार के विरुद्ध बिजली जन आंदोलन की शुरुआत
July 18, 2020 • Bilal Ansari

 

नई दिल्ली, 17 जुलाई। कोरोना काल में जहां दिल्लीवासी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से आर्थिक रूप से राहत की गुहार लगा रहे थे वहीं दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार बिजली कम्पनियों के साथ मिलकर जनता को फिक्स्ड चार्ज और एवरेज बिल के नाम पर लूटने का काम रही है। दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से बिजली बिलों में हो रही लूट के खिलाफ आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के बिजली दफ्तरों में बिजली जन आंदोलन की शुरुआत की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दिल्ली आदेश गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी व सांसद मीनाक्षी लेखी, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष व विधायक श्विजेन्द्र गुप्ता, विधायक  अजय महावर ने मालवीय नगर स्थित डीईआरसी मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। श्री आदेश गुप्ता ने दिल्ली के लोगों को बिजली बिलों के कारण हो रही समस्याओं को लेकर डीईआरसी चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दुष्यंत गौतम ने कृष्ण नगर, दिल्ली भाजपा प्रदेश पूर्व अध्यक्ष व सांसद  मनोज तिवारी ने दिलशाद गार्डन, सांसद रमेश बिधूड़ी ने कालकाजी, सांसद गौतम गंभीर ने लक्ष्मी नगर स्थित बिजली दफ्तर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश महामंत्री श्कुलजीत सिंह चहल, श्राजेश भाटिया, रविन्द्र गुप्ता सहित इस धरना प्रदर्शन में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा विधायक, विधानसभा उम्मीदवार, जिला व मंडल के पदाधिकारियों, आरडब्ल्यूए, ट्रेडर्स एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विधानसभा क्षेत्रों में हुये बिजली जन आंदोलन के संयोजक प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल एवं सह-संयोजक प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष सुनील यादव थे।

 श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि इससे ज्यादा शर्म की बात नहीं हो सकती है कि जो मुख्यमंत्री बनने से पहले अरविंद केजरीवाल कहते थे कि वह सत्ता में आएंगे तो दिल्ली के लोगों के लिए पानी माफ और बिजली हाफ करेंगे लेकिन आज बिजली कंपनियों की मिलीभगत से बिजली बिलों में पावर परचेज चार्ज, पेंशन सरचार्ज, फिक्स्ड चार्ज एवं अन्य अधिभारों को लगाकर भारी-भरकम बिल भिजवा रहे हैं। यह बिल उन व्यापार, उद्योग, दुकानें एवं तमाम प्रतिष्ठान को भी भेजे जा रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान बंद थी और वहां पर बिजली का उपयोग नहीं हुआ, यहां तक की घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिना सब्सिडी के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बिजली कंपनियां पहले से ही मुनाफे में हैं उसे बिजली बिलों में सरचार्ज लगाने की क्या जरूरत है, इससे साफ जाहिर है कि केजरीवाल बिजली कंपनियों की सांठगांठ से दिल्ली के लोगों को लूटने का अभियान चला रहे हैं।