अभी प्रत्येक लोग करोना की आपदा से चिंतित हैं
July 15, 2020 • B . N Jha

अभी प्रत्येक लोग करोना की आपदा से चिंतित हैं, सरकार के तमाम दिशा निर्देश का पालन करते हुए, बचाव के देशी नुस्खे का भी प्रयोग कर रहे हैं, विशेषज्ञों के अनुसार यदि सामाजिक दूरी या यूं कहें कि तन की दूरी का पालन नहीं किया गया तो घातक परिणाम सामने आएंगे क्योंकि पर्याप्त संख्या में ना तो अस्पताल है और ना ही आवश्यक उपकरण, हर कोई चाहे वह सरकार हो या आम जनता,  इस विषय पर चिंतन कर रहा है, मनन कर रहा है और मंथन कर रहा है परन्तु आने वाले नौ महीने बाद देश और दुनिया में क्या भयावह स्थिति आने वाली है, कोई नहीं सोच रहा है जो चिंताजनक है, घर के बाहर तो सामाजिक दूरी अर्थात तन की दूरी  के लिए कानून बन गई हैं , दिशा निर्देश जारी हो गए हैं, तरह तरह की योजनाएं बन रही हैं परन्तु घर के अंदर तन की दूरी को इससे छूट दे दी गई है जो आने वाले दिनों में महा विस्फोटक होने का सूचक प्रतीत हो रहा है, घर के अंदर रहना है, घर से ना कोई बाहर जाएगा और ना ही कोई घर के अंदर आयेगा परन्तु तन की दूरी पर कोई अंकुश नहीं, क्या इस संभावना से इंकार किया जा सकता है कि जब एक ही समय एक ही दिन नजदीक के एक ही अस्पताल में प्रसव हेतु लाखों की संख्या में गर्भवती महिलाएं पहुंचेंगी तो अस्पताल प्रशासन क्या चकनाचूर नहीं हो जाएगा? आधुनिकता के इस दौर में दाई की उपलब्धता भी नगण्य हो गई है जो घर में ही प्रसव कराने में कुशल देशी चिकित्सक मानी जाती थी, वर्तमान आपदा के साथ साथ भविष्य आपदा पर दूरगामी योजना बनाने की आश्यकता है, साथ साथ जनमानस को तन की दूरी को पालन करने की जरूरत है, पढ़कर कोई यह सोचेगा कि मै निर्लज्जता की सीमा को पार कर चुका हूं, परन्तु वास्तविकता से नजर चुराया नहीं जा सकता फिर भी भूल चूक के लिए माफी, इसे व्यंग और काल्पनिक ही समझें और गंभीरता से ना लें