"लॉकडाउन में देश की आधी से अधिक आबादी भय और अनिश्चिंतता में"
May 9, 2020 • Neha Sharma

नई दिल्ली 09 मई ! वरिष्ठ अधिवक्ता श्विवेक तनखा (सांसद), चैयरमैन, विधिक एवम मानवाधिकार विभाग, अखिल भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस व चौधरी अनील कुमार दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  के मार्गदर्शन में एडवोकेट सुनील कुमार, चैयरमैन विधिक एवं मानवाधिकार विभाग, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षता में वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर विभाग की ज़ूम एप्प पर ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया गया I मीटिंग में 08 मई को औरंगाबाद घटना में रेल से कटकर मरने वाले प्रवासी मजदूरों को श्रधान्जली दी गई और इस विषय को गंभीरता से लेते हुए इस प्रकार कि घटना के कारण और निवारण के विषय पर चर्चा करी I विभाग के पदाधिकारीगणों में  अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्त्ता हैं ने चर्चा के बाद पाया कि इस घटना का मूल कारण केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता है I केंद्र सरकार यह मानकर चल रही है कि जो लोग ट्विटर, फेसबुक और इन्स्टाग्राम पर सक्रीय हैं सिर्फ वो ही देश की जनता है I देश की 70 प्रतिशत आबादी जो कि शोशल मिडिया से दूर रोजी रोटी के लिए अपना खून पसीना बहा रही है उनसे केंद्र सरकार कोई भी संवाद स्थापित करने में पूर्णतया विफल रही है और उसी का परिणाम है कि तालाबंदी के कारण देश कि आधी से अधिक आबादी भय और अनिश्चिंतता से घिरी हुई है I  आज इस कोरोना वैश्विक आपदा के समय में जब देश के गृहमंत्री को आगे आकर देश कि जनता के साथ संवाद करना चाहिए वो पिछले दो महीने से लापता हैं I गृह मंत्रालय की लापरवाही के कारण  पुलिस प्रशासन मजदुर वर्ग को पशुओं कि तरह प्रताड़ित कर रहा है जिससे डरकर हजारों कि संख्या में प्रवासी मजदूर रेल लाइन के रास्ते अपने घरों के लिए निकलने को मजबूर हैं I देश के बटवारे के समय में जिस प्रकार से लोग अपना जरूरी सामान लेकर पैदल एक स्थान से दुसरे स्थान के लिए बदहवास दौड़ रहे थे ठीक उसी प्रकार से देश कि आधी आबादी भूखे पेट, नंगे पैर सड़क पर है और केंद्र सरकार पूर्णतया नदारद प्रतीत हो रही है I कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी के निर्देश के बाद देश की समस्त प्रदेश कांग्रेस कमेटियाँ प्रवासी मजदूरों को सकुशल उनके घर पहुंचाने के लिए प्रबंध कर रही हैं जो कि  निसंदेह एक सराहनीय कदम है I इस विषय कि गंभीरता को देखते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि विभाग की तरफ से इस विषय में उचित क़ानूनी विकल्पों का प्रयोग कर इस प्रकार कि घटनाओं कि रोकथाम के लिए और मृतक प्रवासी मजदूरों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए कार्रवाही की जाएगी I इस संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति को जारी करते हुए विभाग के महासचिव एवं सूचना इन्चार्ज एडवोकेट विकास यादव और महासचिव डेलिगेट एडवोकेट हरीश गोला ने बताया कि उक्त मीटिंग में प्रस्ताव पास किया गया कि इस तालाबंदी के दौरान पुलिस व प्रशासन से पीड़ित हर एक दिल्लीवासी के संवेधानिक अधिकारों कि रक्षा के लिए विभाग मुफ्त क़ानूनी सहायता प्रदान करेगा I 
इस मीटिंग में विभाग के पदाधिकारी गण एडवोकेट आशीष कुमार, एडवोकेट विकास यादव, एडवोकेट हरीश गोला, एडवोकेट सतीश सोलंकी, एडवोकेट सुरेन्द्र सिंह हुड्डा (AOR), एडवोकेट सुनील फर्नान्डिस (AOR ), एडवोकेट कौशल यादव (AOR), एडवोकेट शाहिद अनवर (AOR), एडवोकेट  पवन कुमार बहल, एडवोकेट ए वि शुक्ला, एडवोकेट विक्रम दुआ, एडवोकेट विक्रम बसोया,  एडवोकेट महावीर राठोड, एडवोकेट विनीता सिंह, एडवोकेट मनीषा शर्मा, एडवोकेट नवीन गोयल, एडवोकेट शमशेर सिंह, एडवोकेट  रंजित कुमार, एडवोकेट अरविन्द झा, एडवोकेट  मोहम्मद आसिफ, एडवोकेट  नईम इलियास, एडवोकेट  असद मिर्ज़ा, एडवोकेट सौरभ साशन, एडवोकेट साउद अहमद, एडवोकेट इमरान मलिक,  एडवोकेट नागेश्वर कुमार, मानवाधिकार कार्यकर्ता अशोक शर्मा, डॉक्टर अनित सिंह, सौरभ केसरी, महेश सैनी, विकास झा, मोहम्मद मोहसिन, आदि उपस्थित रहे और अपने विचार रखे I 
प्रस्तुति : Neha Sharma ( metro editor face news ) 9212716296