समाज का आईना है नाटक तिनका तिनका
August 11, 2019 • Bilal

 नई दिल्ली ! पिछले दिनों भव्य कल्चरल सोसाइटी द्वारा भावनात्मक नाटक "तिनका तिनका" का मंचन लोक कला मंच लोधी रोड नई दिल्ली में किया गया !आज समाज में संयुक्त परिवार खत्म होते जा रहे हैं और एकल परिवार बनते चले जा रहे हैं। इस नाटक में कैसे माँ बाप अपने बच्चो को पालते हैं और वक़्त आने बच्चे अपने माँ बाप को दुत्कार देते हैं ! इसी विषय को लेकर इस नाटक का मंचन किया गया।
नाटक में दर्शाया गया है कि मंजीत सिंह अपनी पत्नी शांति के साथ एक गांव में किसानी करता है। उसका बेटा रंजीत पढ़ने के लिए शहर में गया तो शादी करके वहीं बस गया। उसका बेटा भी हुआ,जिसकी देखभाल के लिए कभी कभी उसका दादा दादी यानि मंजीत और शांति आते रहे। लेकिन अब इस बात को पंद्रह साल हो गये। गांव का जमींदार उसकी ज़मीन लेना चाहता है। मंजीत और शांति एक तो रंजीत से इस बारे में बात करने व बेटा, बहू और पोते से मिलने की तीव्र इच्छा के होते वे बिना सूचना के बेटे के घर पहुंच जाते हैं,तो उन्हें वहां अपने बेटे और बहू से बेज्जती का सामना करना पड़ता है जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
      फिर एक दिन डाकू रंजीत को चाकू मारकर घायल कर जाते हैं और उसके इलाज के लिए डॉक्टर 2500000 का खर्चा बताते हैं माँ बाप तब अपने अपमान को भूलकर किस प्रकार उनकी मदद करते हैं और खुद किस दयनीय स्थिति में पहुंच जाते हैं, यही सब इस प्ले तिनका तिनका में हास्य व भावुकता के प्रसंगों द्वारा दर्शाने की कोशिश की गई है। इसके लेखक प्रेम भारती व निर्देशक संजय अमन पोपली हैं।
इसमें अभिनय किया है, मंजीत सिंह,वंदना कपूर, पी के आर्या,श्रुति झा, एकम बैनर्जी,राकेश शर्मा,विजय शर्मा,नीता गुप्ता,रीना,हरीश चौधरी,नरेश बंसल व संजय अमन पोपली ने। मंजीत सिंह और वंदना कपूर ने अपने अभिनय से दर्शकों को रुलाया और संजय अमन पोपली ने अपने पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार को बखूबी निभाया और दर्शकों की खूब ताली बटोरी। प्रेम भारती के लेखन को भी दर्शकों ने खूब सराहा। इस नाटक में तिनका तिनका गाने ने भी कई दर्शकों की आंखों में आसूं ला दिए। इस गाने को अपनी सुंदर आवाज दी है धीरज आनंद ने और इस नाटक में मुख्य अतिथि थे  सुनील कुमार ढींगरा। अंत में अजय गोस्वामी और रवि कपूर जी ने इस नाटक की तारीफ की और समाज को एक नया सन्देश दिया।