केरल में बाढ़: भारी बारिश से बढ़ी लोगों की परेशान, अभी तक 22 से ज्यादा लोगों की मौत
August 10, 2019 • sona thakur

खास बातें

  1. केरल में बाढ़ से बिगड़े हालात
  2. मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
  3. अभी तक 22 से ज्यादा लोगों की मौत
 

नई दिल्ली: 

केरल समेत दक्षिण भारत के कई राज्य बाढ़ की चपेट में हैं. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्य हुए हैं. मौसम विभाग ने केरल में अगले दो से तीन दिन तक रेड अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार केरल के अलग-अलग जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. बारिश के कारण हुए भूस्खलनों और बाढ़ ने पिछले तीन दिन में केरल में 22 लोगों की जान ली है. प्रशासन निचले इलाकों से लोगों को निकाल कर उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटा हुआ है. कर्नाटक में बाढ़ प्रभावित 80 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. वहीं, तमिलनाडु ने बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित नीलगिरि जिले में राहत कार्यों के लिए भारतीय वायुसेना से मदद मांगी है। जिले में वर्षा जनित हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है. दूसरी ओर नयी दिल्ली में कांग्रेस नेता और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत कर मदद मांगी.

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गौरतलब है कि पिछले ही वर्ष केरल को बाढ़ का ऐसा भयावह रूप देखने को मिला था कि दुनिया स्तब्ध रह गयी थी. उस दौरान राज्य सरकार को राहत एवं बचाव कार्यों में सेना और वायुसेना की मदद लेनी पड़ी थी.बारिश के कारण रेल और हवाई यातायात दोनों प्रभावित हैं. रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कर दी हैं जबकि कोच्चि हवाईअड्डे से विमान परिचालन रविवार तक के लिए रोक दिया गया है. कोचिन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ऐप्रन एरिया (विमान पार्किंग) में पानी भरने के कारण पहले विमान परिचालन शुक्रवार रात तक के लिए रोका गया था लेकिन अब यह रविवार दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगा. केरल के 14 में से नौ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. इस कारण सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को हालात को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिन में बारिश से 22 लोगों की मौत हुई है.

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रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेप्पदी में जमीन धंसने से करीब 150 लोग फंस गए हैं। बचाव अभियान जारी है. कोच्चि में दक्षिण नौसेना कमान का कहना है कि अगर असैन्य हवाईअड्डा लंबे समय तक बंद रहता है तो वह छोटे व्यवसायिक विमानों के लिए अपना हवाईअड्डा खोलेंगे. सरकार ने अल्पुझा में शुक्रवार को होने वाली 'स्नेक बोट रेस' रद्द कर दी है. गौरतलब है कि बारिश और बाढ़ के कारण यह रेस पिछले साल भी नहीं हो सकी थी. पिछले साल की त्रासदी में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. इस बीच दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि राज्य, खास तौर से वायनाड में बाढ़ और भूस्खलनों से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता को लेकर प्रधानमंत्री से बात की है. प्रधानमंत्री ने त्रासदी के प्रभावों को न्यूनतम करने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.